सेन्धा नमक खाने के10 बड़े फायदे,10 big benefits of eating rock salt

10 big benefits of eating rock salt

 

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10 big benefits of eating rock salt

10 big benefits of eating rock salt

सेन्धा नमक, जिसे रॉक सॉल्ट या सेंधा नमक भी कहा जाता है,सेंधा नमक को हिमालय में पाए जाने वाले गुलाबी पत्थरों को पीसकर तैयार किया जाता है. इसे रॉक सॉल्ट या पहाड़ी नमक भी कहा जाता है. सेंधा नमक को बनाने के लिए किसी तकनीक या केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता. यह पूरी तरह से प्राकृतिक है और इसमें कई मिनरल बरकरार रहते हैं. प्राकृतिक रूप से प्राप्त होने वाला नमक है जो समुद्री नमक से भिन्न होता है। यह नमक खनिजों से भरपूर होता है और आयुर्वेदिक तथा प्राकृतिक चिकित्सा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहाँ हम सेन्धा नमक के कुछ प्रमुख फायदों पर चर्चा करेंगे:

और देखें: सेंधा नमक खाने के फायदे

1.करे पाचन में सुधार: सेन्धा नमक पाचन तंत्र के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। यह पेट की गैस, अपच, और भूख न लगने जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। सेन्धा नमक के सेवन से पेट की अम्लता संतुलित होती है, जिससे पाचन क्रिया सही ढंग से होती है।

 

2.मिनरल्स का है समृद्ध स्रोत: सेन्धा नमक में 80 से भी अधिक खनिज तत्व होते हैं जो शरीर के लिए आवश्यक होते हैं। इसमें कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, आयरन, और अन्य महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को विभिन्न पोषक तत्व प्रदान करते हैं।

 

3.करे हृदय स्वास्थ्य में सुधार: सेन्धा नमक हृदय के लिए भी लाभकारी होता है। इसमें पोटैशियम की मौजूदगी रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक होती है, जिससे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है। इसके सेवन से रक्त परिसंचरण में सुधार होता है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी नियंत्रित रहता है।

 

4.करे मेटाबॉलिज्म में वृद्धि: सेन्धा नमक शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने में मदद करता है। यह शरीर के विषाक्त पदार्थों को निकालने में सहायता करता है और ऊर्जा स्तर को बनाए रखता है। इसके नियमित सेवन से थकान कम होती है और शरीर में ताजगी बनी रहती है।

 

5.वजन घटाने में सहायक: सेन्धा नमक का सेवन वजन घटाने में भी मदद करता है। यह शरीर में पानी के संतुलन को बनाए रखता है और अपच जैसी समस्याओं को दूर करता है, जिससे वजन नियंत्रित रहता है। इसके अलावा, यह भूख को नियंत्रित करने में भी सहायक होता है।

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6.त्वचा के लिए लाभकारी: सेन्धा नमक त्वचा के लिए भी फायदेमंद होता है। यह त्वचा की सफाई में मदद करता है और त्वचा को मुलायम और स्वस्थ बनाता है। सेन्धा नमक के पानी में नहाने से त्वचा की समस्याएं जैसे एक्जिमा, सोरायसिस, और खुजली में राहत मिलती है।

 

7.मांसपेशियों और जोड़ों के लिए अच्छा: सेन्धा नमक मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द में राहत दिलाने में भी सहायक होता है। यह मांसपेशियों की ऐंठन को कम करता है और जोड़ों की सूजन को घटाता है। इसके लिए सेन्धा नमक को पानी में मिलाकर नहाना या उससे प्रभावित जगह पर सेक करना लाभकारी होता है।

 

8.करे सांस की समस्याओं में सुधार: सेन्धा नमक सांस संबंधी समस्याओं जैसे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, और साइनसाइटिस में भी फायदेमंद होता है। इसका सेवन गले की खराश और खांसी में राहत पहुंचाता है। सेन्धा नमक के गरारे करने से गले की सूजन और संक्रमण में भी आराम मिलता है।

 

9.करे ब्लड शुगर नियंत्रण: सेन्धा नमक मधुमेह रोगियों के लिए भी फायदेमंद होता है। इसमें उपस्थित खनिज तत्व ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं और इन्सुलिन की संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं।

 

10.पानी के संतुलन में मददगार: सेन्धा नमक शरीर में पानी के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को बनाए रखता है, जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या नहीं होती है।

 

सेन्धा नमक को अपने दैनिक आहार में शामिल करके इन सभी फायदों का लाभ उठाया जा सकता है। हालांकि, इसका सेवन संयमित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक सेवन से हानि भी हो सकती है। किसी भी नए आहार या सप्लिमेंट को शुरू करने से पहले डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

FAQ

1.सेंधा नमक कैसे तैयार किया जाता है?

सेंधा नमक को हिमालय से मिलने वाले पत्थरों को पीसकर तैयार किया जाता है. इसे अन्य खनिज और धातु की तरह माइनिंग प्रोसेस से निकाला जाता है. पहाड़ों की माइनिंग करके अलग-अलग तरह के पत्थर निकलते हैं इसमें सफेद, लाल और गुलाबी रंग के पत्थर होते हैं फिर इन्हें पीसकर पैक कर दिया जाता है.

2.काला नमक और सेंधा नमक में क्या अंतर होता है?

काला नमक सफेद नमक या समुद्री नमक को को कई दिनों तक बड़े-बड़े मटको में पका कर बनाया जाता है जबकि सेंधा नमक कच्चा नमक होता है जो हिमालयमें मिलने वाला गुलाबी रंग का पत्थर होता है जिसे पीसकर बनाया जाता है।

3.भारत में सेंधा नमक कहाँ से आता है?

भारत में सेन्धा नमक  हिमालय कि पहाड़ी से और सांभर झील से भी प्राप्त किया जाता है।

4.सेंधा नमक की पहचान कैसे करें?

ऐसे में एक बड़े साइज के आलू को बीच में से काट लें और इस पर सेंधा नमक अप्लाई करें. कुछ देर बाद नमक के ऊपर नींबू का रस डालें. ऐसे में मिलावट होने पर सेंधा नमक रंग छोड़ने लगेगा. वहीं असली सेंधा नमक से कोई रंग नहीं निकलेगा.

5.बीपी के मरीज को कौन सा नमक खाना चाहिए?

बीपी के मरीज को सेंधा नमक खाना चाहिए क्योंकि सेंधा नमक में सोडियम की मात्रा बहुत ही कम होती है जिस कारण से ब्लड प्रेशर नहीं बढ़ता।

6.सेंधा नमक की तासीर क्या है?

तासीर ठंडा होने के कारण सेंधा नमक पित्‍त दोष को दूर करने में मदद करता है। सेंधा नमक  का रासायनिक नाम सोडियम क्‍लोराइड (Sodium Chloride), जिसका अणुसूत्र  NACL है।

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